कंपास को सेट करना तथा इस्तेमाल करने का तरीका

पिछले मैप  रीडिंग के पोस्ट में हमने  मैप के प्रकार(Map ka prakar) तथा कम्पास के प्रकार(Compass ka prakar ) आदि के बारे में जानकारी शेयर किये इस पोस्ट में हम कम्पास को कैसे  सेट और यूज़ करते(Compass ko kaie set aur use kare ) है  इसके बारे  में जानकारी हासिल करेंगे !


कंपास का इस्तेमाल करने का तरीका
कंपास का इस्तेमाल करने का तरीका  

कम्पास का इस्तेमाल दिशा ज्ञात करने, किसी निशान या स्थान का बेअरींग और बैक बेअरिंग पढने के लिए किया जाता है !  


जरुर पढ़े : मैप रीडिंग और मैप रीडिंग का महत्व


कंपास को सेट करने का तरीका(Compass ko set karne ka tarika) : कंपास को दिन या रात के समय मार्च करने के लिए सेट करने की जरुरात पड़ती है ! हम कंपास को तीन तरीके से सेट कर सकते है 

  1. प्रथम विधि : इस विधि में  क्लाम्पिंग स्क्रू को ढीला करके जिस डिग्री पर कोमप्स को सेट करना है मिल्डवेन पर लिखी उसी डिग्री के अंक को लुब्बेर लाइन के ठीक लाकर क्लाम्पिंग स्क्रू टाइट कर दे ! इस प्रकार कंपास सेट हो जायेगा !
  2. दूसरी विधि : माइल्ड वेन पर लिखा अंक को बिना सहायता लिए कंपास को सेट करने के लिए कंपास के डायल  पर दी हुई बेअरिंग   वाले अंक को ही लुबर लाइन के सामने कर के किसी ऐसी वास्तु के ऊपर रखे दे जहा से वह हिले नहीं ! अब क्लाम्पिंग स्क्रू के बिना कंपास को हिलाके ढीला करे और माइल्डवेंन को इतना घुमाएँ की डायरेक्शन मार्क कंपास की सुई के ऊपर आ जाये . क्लाम्पिंग स्क्रू को अब टाइट कर दे ! कंपास सेट होगया है और मार्च के लिए तैयार है ! 
  3. तीसरी विधि : कंपास में 16 बड़े निशान के चीन व मुख्या दिशाए उत्तर, दक्षिण, पूर्व  और  पश्चिम के नामो को (N, S,E, and  W) के लैटर से दिखाए  गए होते है ! यदि सेटिंग वने को आक्षर S क साथ खीची गई लम्बी सफेद रेखा के सामने लेकर क्लाम्पिंग स्क्रू को कास दिया जाये तो कंपास 180 डिग्री पर सेट हो गया ! इसी प्रकार कंपास पर खिची गयी अन्य छोटी रेखाओं की मदद से हम कंपास के अन्य डिग्री पर भी ज़रूरत के अनुसार सेट कर सकते है !

कंपास से दिशा ज्ञात करने का तरीका(Compass se disha kaise gyat karte hai ) :जैसे की हम जानते है की चुम्बक का ये अपने प्रकृति होता है की उसे कही हम लटकाए  या  फ्रीली छोटे तो उसका एक सिरा उत्तर तथा दूसरा हमेशा दक्षिण की और इंगित करगे गई! इस चुम्बकी गुण का इस्तेमाल कंपास  में भी किया जाता है ! दिशा ज्ञात करने के लिए कंपास को अपनी हथेली या किसी समतल जगह पे रखे ! रखने के बाद कंपास के की सुई का लाल नोक जिस दिशा की ओर होगा वह उत्तर दिशा को दर्शायेगा ! इस प्रकार एक बार उत्तर दिशा पता चल गया तो उसके मदद से हम बाकि दिशाओ का ज्ञान कर लेते है ! 


जरुर पढ़े : कम्पास के प्रकार और इसके अहमियत


कंपास से बैक बेअरिंग(Back bearing) और फॉरवर्ड बेअरिंग(Forward bearing) पढने का तरीका या कंपास को यूज़ करने का तारिका(Compass ko use karne ka tarika)  :

  • कंपास से जिस निशान की डिग्री पढनी हो उस निशान की और मुह कर के  खड़ा हो जाये !
  • आब अपने दाहिने हाथ की मुठी बंधे इस प्रकार से की अंगूठा ऊपर रहे और बाकि चार अंगुलिया निचे !
  • अब अंगूठे को कंपास के थम्ब  रिग के अन्दर डाले और कंपास के पेंदे को दाहिने हाथ की बंधी हुई मुठी के ऊपर रखे !
  • बाएँ हाथ की मदद से कंपास के धकन को ठीक 90 डिग्री पे ऊपर उठा कर खड़ा करे !
  • इसके बाद दाहिने हाथ के अंगठे से प्रिज्म केस के ऊपर उठाकर मिल्लेद वने को ऊपर करे !
  • अब कंपास को अपनी सुबिधा के अनुसार किसी भी आँख पर ले जाये और दूसरा आँख को बंद करे !
  • सिटींग सिल्ट से निशान को देखे व हेयर लाइन को देखे !
  • ऑय होल के रस्ते प्रिज्म में से देखे तो निशान की डिग्री सामने होगी जो की उस निशान की फॉरवर्ड बेअरिंग है  ! इस प्रकार हम फॉरवर्ड बेअरिंग प्राप्त कर ली !
  • अगर कंपास के आगे वाला भाग को तदा ऊपर उठाकर देखे तो उस निशान की बैक बेअरिंग नज़र आएगी इस प्रकार से हम उस निशान की बेक बेअरिंग भी ज्ञात कर ली !
  • अगर हमे की निशान की फॉरवर्ड बेअरिंग मालूम है तो उसमे हम 180 डिग्री जोड़ देंगे तो उस निशा की बैक बेअरिंग भी हमें मालूम हो जाएगी ! यानि किसी स्थान का फॉरवर्ड बेअरिंग अगर 40 डिग्री है तो उस निशान का बैक बेअरिंग (40 + 180=220) डिग्री होगा ! 
  • इसी प्रकार से अगर हमें किसी निशान की बैक बेअरिंग मालूम है तो उसमे से 180 घाटाने पे फॉरवर्ड डिग्री भी मालूम पड़ जाएगी !


इस प्रकार से हम कंपास को मार्च करने से पहले सेट करते है , दिशा को ज्ञात करते है और बैक बेअरिंग तथा फॉरवर्ड बेअरिंग पता करते है !
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