आश्रू गैस के प्रकार तथा उपयोग

पिछले पोस्ट में हमने  आश्रू गैस के इतिहास तथा प्रभाव (Tear Smoke)के बारे में इस पोस्ट में इस्तेमाल के अनुसार अश्रु गैस के प्रकार तथा उसका बेसिक जानकारी(Type of tear smoke aur unke basic jankari) !





जैसे की हम जानते है की आश्रू गैस का अविष्कार 1900 में हुई लेकिंन पहले ये इतना पोर्टेबल कंटेनर (Portable tear smoke)में नहीं आती थी इसके अमुख अमुख जगह पे जहा पे उपद्रवियो और डैकतो के आने का ज्यादा संभावना रहता था जैसे बैंक, सामरिक महत्व के स्थान पे  वह रखा जाता था ! और वहा के कर्चारी को इसके इस्तेमल्के बारे में बताया गया रहता है और ओ जब वैसी  परिस्थिति उत्पन्न होती थी तो ओ इसका इस्तेमाल करते थे !

Image result for tear smoke
Tear Smoke Granade(CS)
लेकिंन  समय बदलते गया और अपराध तथा अपराधियो के प्रावृति भी बदलती गई और दंगा फसाद भी किसी फिक्स्ड जगह पे न होकर बहुत से क्षेत्रो में होने लगा तो ये महसूस किया गया की अश्रु गैस दंगा फसाद या भीड़ को कम से कम जानमाल के हनी पहुचाये तितरबितर(disburement of ilegal gathering) करने का बहुत ही कारगर संसाधन है और इसलिए इसको पोर्टेबल कंटेनर में बनाने लगे  और सुरक्षा बल अपने साथ ही लेकर उपद्रवग्रस्त क्षेत्रो में जाने लगे !
बनावट या गैस  के इस्तेमाल के अनुसार आश्रू गैस दो प्रकार के होते है :
  1. ठोस गैस
  2. माया गैस 

रेंज के अनुसार आश्रू गैस के प्रकार(Range ke anusar tear smoke ke types) : ठोस गैस मुनीसन को दुरी के लिहाज से हम 3 भागो में बांटते है !

  1. नजदीक दुरी (Short Range)
  2. मध्यम रेंज (Medium Range)
  3. लम्बी रेंज (Long range)

1. नजदीक दुरी(Short Range tear smoke) के  केटेगरी में आने वाले अश्रु गैस : इस में हम उन आश्रू गैस को रखते है जिनकी रेंज 10 गज तक होती है ! जैसे की :

(a) ब्लास्ट कार्ट्रिज :बेसिक डिटेल ब्लास्ट कार्ट्रिज के 
  • बॉडी की बनावट : मेटलिक अलुमिनियम 
  • लम्बाई : 5 इंच 
  • वजन :60 ग्राम 
  • व्यास : 0.8 इंच 
  • रेंज : 3 से 4 गज 

 ब्लास्ट कार्ट्रिज का इस्तेमाल(Blast Cartridge ka istemal) :इसका इस्तेमाल हम उपद्रवीओ या गुंडों बदमासो के खिलाफ करते है ये बहुत जोर के आवाज़ के साथ फटता है जो की उनलोगों को स्टन करदेता है और कुछ डेरे के लिए उनको दहसत में दल देता है ! इसका इस्तेमाल मजमे के खिलाफ आमतौर पे नहीं करते है !
(b) गैस कार्ट्रिज(Gas Cartridge):
  • लम्बाई -8 इंच 
  • व्यास – 1.5 इंच 
  • वजन : 226.8 ग्राम 
  • बॉडी की बनावट अलुमिनियम  की होती है 

 गैस कार्ट्रिज का इस्तेमाल(Gas Cartridge ka istemal) : इस कार्ट्रिज  को फ़ेडरल रायट गैस गन से फायर करते है !इसका भी इस्तेमाल ब्लास्ट कार्ट्रिज की तरह ही किया जाता है! इसका इस्तेमाल करते समय रेंज 4 गज से ज्यादा ही रखना चाहिए यानि 4 से कम दुरी हो तो ब्लास्ट कार्ट्रिज का इस्तेमाल करना चाहिए और उससे दूर के लिए गैस कार्ट्रिज का इस्तेमाल करना चाहिए !



2. माध्यम रेंज (Medium Range tear smoke): ठोस गैस के बने उन आश्रू गैस को रखते है जो हाथ से 10 गज से लेकर 50 गज तक फेंके जाते है !
(a) सिंगल वे ग्रेनेड(Single way Granade) :
  • रंग : लाल 
  • लम्बाई भूषण  के साथ : 6इंच 
  • लम्बाई भूषण के बिना : 5 इंच 
  • वजन :17 औंस 
  • व्यास : 2.5 इंच 
  • गैस निकलने के लिए होल : 14(9 साइड में 4 upar)
  • गैस निकलने का समय : 25 से 35 सेकंड तक 
  • रेंज : 50 गज 

सिंगल वे ग्रेनेड का इस्तेमाल(Single way Granade ka prayog) :

  • मजमे के ऊपर 
  • तथा गैस टोर्च में डाल कर  

(b) थ्री वे ग्रेनेड (Three way Granade):यह टिफिन के आकर का होता है और इसके 3 टुकड़े धमाके के बाद अलग अलग गिरते है !
  • रंग : लाल (यदि CN का होगा तो नहीं तो नीला या हरा )
  • वजन : 20 औंस 
  • लम्बाई भूषण केसाथ : 6 इंच 
  • लम्बाई भूषण के बिना -5 इंच 
  • व्यास -2.5 इंच 
  • गैस निकलने के होल :22
  • गैस निकलने का समय : 20 से 25 सेकंड 
  • रेंज : 50 गज 
  • फैलाव : इसका एक टुकड़ा दुसरे से तक़रीबन 15 से 25 गज की दुरी पे गिरता है !
थ्री वे ग्रेनेड का प्रयोग  (Three way Granade ka prayog):इस ग्रेनेड को कभी भी  टोर्च में डालकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए!.
  • जब मजमा टुकडियो अलग अलग कड़ी हो तब 
  • जब मजमा औरतो और बच्चो का हो 

(c): स्वदेशी ग्रेनेड (Indigenious Grenade): यह अपने देश में ओर्दिनास फैक्ट्री का बना हुवा है यह ग्रेनेड CN गैस का है !
  • रंग : लाल 
  • लम्बाई : 4.8 इंच 
  • वजन – 540 ग्राम 
  • गैस निकलने का होल : 15
  • गैस निकलने का समय : 15 सेकंड 
  • व्यास- 2.2 इंच 
  • रेंज : 35 se 50 गज 
स्वदेशी ग्रेनेड का प्रयोग  (Indigenious Grenade prayog ):  इसका इस्तेमाल मजमे के ऊपर किआ जाता है ! अगर इस ग्रेनेड को GF राइफल पर डिस्चार्ज कैप चढ़ाकर इसमें गैस कैप के साथ 45 डिग्री एंगल से फिरे करे तो ये 200 गज तक का रेंज प्राप्त कर सकता है !


3. लॉन्ग रेंज (long range): इस केटेगरी में उन सेलो तथा ग्रेनेड को रखते है जिसका रेंज 100 से 200 गज तक होती है : इनका अपना अलग से वर्गीकरण इस प्रकार से किया जाता है
  • शोर्ट रेंज शेल (Short Range shell)
  •  लॉन्ग  रेंज शेल (Long Range shell)
(a) शोर्ट रेंज शेल (Short Range shell): इनका विवरण इस प्रकार से है :
  • रंग – लाल (यदि CN है तो )
  • लम्बाई : 8.5 इंच 
  • व्यास : 1.5 इंच
  • गैस निकलने के होल -10
  • गैस निकलने का समय – 25 से 35 सेकंड  
  • वजन – 10 औंस 
  • रेंज : 100 गज 

(a) लॉन्ग  रेंज शेल (Long Range shell): इसमें प्रोपोलेंट चार्ज की मात्र ज्यादा होने के कारन इस शैल का रेंज 200 गज तक हो जाता है !इनका विवरण इस प्रकार से है :
  • रंग – लाल (यदि CN है तो )
  • लम्बाई : 10.9 इंच 
  • व्यास : 1.5 इंच
  • गैस निकलने के होल -10
  • गैस निकलने का समय – 25 से 35 सेकंड  
  • वजन – 17 औंस 
  • रेंज डायरेक्ट  : 75 से 100 गज 
  • एंगल के साथ – 325 गज 
इस प्रकार से यहाँ आश्रू गैस केप्रकर ,रेंज तथा उनके उपयोग के बारे में संक्षिप्त जानकारी ख़त्म हुई !और उम्मीद  है की ये पोस्ट पसंद आएगा! अगर की कमेंट होतो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 


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