7.62 mm एसएलआर राइफल को ज़ेरोइंग कैसे और कब किया जाता है?

पिछले पोस्ट में हमने जानकर शेयर किया 7.62 mm राइफल को ज़ेरोइंग करते समय ध्यान में रखने वाली विशेष बाते  और इस पोस्ट में हम जानकारी शेयर करेगे इन 7.62 mm एसएलआर को ज़ेरोइंग कैसे करे(7.62 mm SLR ko zeroing kaise karte hai) !







जैसे की हम जानते है की फायरर कितना भी अच्छा क्यों न हो अगर राइफल की ज़ेरोइंग अच्छी तरह से नहीं की गई हो तो फायर सही जगह पे नहीं लगेगी इसलिए ये जरुरी होता है की अगर फायरर फायरिंग की पूरी उसूल को अपनाता है फिर भी फायर सही नहीं लग रहा हो तो राइफल का ज़ेरोइंग चेक कर लेना चाहिए और फिर से ज़ेरोइंग करनी चाहिए !

7.62 mm SLR's Zeroing
7.62 mm SLR’s Zeroing 

 कैसे समझे की राइफल का ज़ेरोइंग की ज़रूरत नही  है(Kaise samjhe ki rifle ko zeroing ki jarurat nahi hai ) ?
 अगर बैरल गर्म करने के बाद फायरर राइफल का 200 गज का साईट लगा कर 100 गज से 4′ x 4′ टारगेट के ऊपर या 25 ग्ज से 1′ x 1′ टारगेट पर ऐमिंग मार्क की मदद से एक ही जगह शिस्त लेते हुए पांच गोलियों का एक ग्रुप फायर करता है और टारगेट पे गोलिओ का ग्रुप का एम् . पी. आई  यदि 100 जग से 2″ ऊपर बनती है तो समझना चाहिए की राइफल का ज़ेरोइंग ठीक हुई है और बाकि सभी रंगों पर दुरुस्त नतीजा मिलेगा !
जरुर  पढ़े :10 पॉइंट राइफल को ट्यूनिंग उप और स्टॉकिंग के करवाई के बारे में
कैसे समझे की राइफल का ज़ेरोइंग की ज़रूरत है (Kaise samjhe ki rifle ko zeroing ki jarurat  hai ) ?


अगर ऊपर की पाराग्राफ में बताई गई बातो को ध्यान रख कर फायर किया गया और गोली 2″ ऊपर लगने के जगह निचे लगती है तो समझना चाहिए की राइफल की ज़ेरोइंग ठीक नहीं है और राइफल की ज़ेरोइंग करना जरुरी है !

एसएलआर की  मार में कितने प्रकार की गलती हो सकती है जिसे ज़ेरोइंग के द्वारा दूर किया जा सकता है(SLR ke zeroing se kitne prakar ki galti ko hm dur kar sakte hai) ?
 ज़ेरोइंग के द्वारा दो प्रकार की गलती को दूर किया जा सकता है :

  1. ऊपर या निचे (Elevation) की गलती 
  2. दाये या बाये (Deflection)
  • ज़ेरोइंग के द्वारा ऊपर या निचे की गलती को दूर करने का तरीका(Zeroing ke dwara upar -niche ki galti ko dur karne ka tarika ) :यदि गोली निशाने की जगह से ऊपर या निचे लग रही है तो बैरल का elevation ऊपर या निचे करने की जरुरत है ! मन लीजिये की गोलिया ऊपर लग रही है इस हालत में हमे बैरल को निचे करना पड़ेगा !लेकिंन  हर हालत में हमें निशान की जगह वही रखना पड़ेगा ! ! यानि गोली उपर हिट कर रही है तो उसे निचे करने के लिए हमे फोरे साईट  को ऊपर करना पड़ेगा! 
निम्न राइफल की ऊपर निचे की गलती निचे लिखे तरीके से दूर की जाती है !
  1. 7.62 mm एसएलआर 1 A 1 : इस राइफल में सबसे पहले फोरे साईट लॉकिंग नट  को ढीला करे और फोरे साईट को जरुरत के मुताबिक धुमाए ! यद् रखे फोरे साईट एक चक्कर धुमने से 6 इंच का फर्क पड़ता है ! घडी के सीधे रुख घुमाने से फोरे साईट निचे आएगी और घडी के उलटे रौख घुमाने से ऊपर जाएगी ! चुकी इस राइफल का फोरे साईट गोल होता है इसलिए इस राइफल में आधे से कम चक्कर को भी दुरुस्त किया जा सकता है ! दुरुस्ती के बाद फोरे साईट लॉकिंग नट को कस (tight) देना चाहिए !
  2. 7.62 mm एसएलआर L1 A 1:  इस राइफल की फोरे साईट को हरकत देने के लिए कीपर स्क्रू को कॉम्बिनेशन टूल की मदद से ढीला करे और फोरे साईट टिप को घुमाये चुकी राइफल इस राइफल का फोरे साईट टिप चिपटी होती है इस लिए इसमें आधा चक्कर से कम की दुरुस्ती नहीं दी जा सकती है ! इस राइफल में 100 गज से फोरे साईट को एक चक्कर घुमाने से 4″ का फर्क पड़ता है !
  3. 7.62 mm एसएलआर FAL:- इस राइफल में एक चक्कर घुमाने से 5.5 इंच का फर्क पड़ता है बाकि कार्यवाही 7.62 mm एसएलआर 1 A 1 की तरह से ही है !
  • ज़ेरोइंग के द्वारा दाए या बाए  की गलती को दूर करने का तरीका(SLR ke zeroing se daaye aur baaye ki galti ko dur karne ka tarika):जब ऊपर निचे की गलती दूर हो जाये तो बाये दये की गलती दूर की जताई है ! दाए बाए की गलती दूर करने के लिए बेक साईट में दुरुस्ती करनी पड़ती है !हिट को दुरुस्त करने के लिए गलती से दूर भागो (move away from error) का सिधांत अपनाया जाता है ! जब गोली बाए लग रही हो बेक साईट को दाहिने करे और दाए लग रही हो तो बाये की जाए !
  • बेक साईट  स्क्रू को जिस तरफ खिसकाना है उस तरफ से फ्हिला करे और दूसरी तरफ से उतना ही काश दे ! बेक साईट को पूरा एक चक्कर से 4 ” दाये , बाये का फर्क पड़ता है !
ज़ेरोइंग स्लिप क्या होता है(Zeroing slip kya hota hai) ? ज़ेरोइंग स्लिप में राइफल को कब जीरो किया गया , किसने जीरो किया , फोरेसिते और बेक साईट में क्या तबदीली की गई इसका विवरण रखा जाता है ! इससे यह फायदा होता है की जब राइफल लम्बे रेंज से दुरुस्ती से फायर नहीं करता है तो उसका कारन मालूम करने के लिए ज़ेरोइंग स्लिप की मदद ली जाती है !
Zeroing slip
7.62 mm SLR Zeroing slip
ज़ेरोइंग के बाद की जाने वाली कार्यवाही  क्या क्या होती है(Zeroing karne ke bad kya karni chahiye) : ज़ेरोइंग के बाद एक चेक ग्रुप फायर क्र लेना चाहिए ! यदि किसी की राइफल दुसरे ने जीरो की है तो उसका यकीं करने के लिए उसके ठीक जीरो हो गई है , उसे भी एक ग्रुप फायर कर लेना चाहिए ! यदि समय हो तो बड़े रंज पर फायर कर के तसल्ली कर लेना चाहिए !


जरुर पढ़े :5.56 mm INSAS LMG से सही फायर करने का तरीका

इस प्रकार से ज़ेरोइंग कैसे और कब की जाती है से सम्बंधित जानकारी का यह पोस्ट यही समाप्त हुवा उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगी!अगर इस पोस्ट तथा इस ब्लॉग के बारे में कोई कमेंट या सुझाव हो तो निचे लिखे कमेन्ट बॉक्स में जरूर  दे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे !
इसे भी पढ़े :

  1. 7.62mm SLR का निरिक्षण के लिए जाँच शाश्त्र की करवाई और अहमियत
  2. 7.62 mm एसएलआर को खोलना , जोड़ना और मग्जिन को खोलना जोड़ना !
  3. 7.62mm SLR सफाई करने का सामान और सफाई करने का तरीके
  4. 9mm कार्बाइन मशीन को खोलना जोड़ना और टेस्ट ?
  5. 9 mm कार्बाइन की सफाई और रख रखाव का तरीका
  6. 9mm कार्बाइन के मगज़ीन को भरना खाली करना , 
  7. कार्बाइन को भरना खाली और फायर करने का तरीका
  8. 5.56 mm INSAS Rifle के सिंगल शॉट ट्रिगर मेचानिज्म और पार्ट्स के नाम
  9. इंसास राइफल से दुरुस्त शिस्त लेने का तरीका और शिस्त लेते समय होने वाले कुछ कॉमन गलतिया
  10. इंसास एलेमजी को खोलना जोड़ना और उसके पार्ट्स का नाम
Leave a Reply

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping