इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग (IWT) चलाने का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने एम् पी आई और एप्लीकेशन फायर के बारे में जानकारी हासिल की! इस पोस्ट में हम  आई डब्लू  टी (IWT- Integrated Weapon Training) लेसन चलने के तरीका !




आज काल के समय में कोई भी ऑपरेशन बहुत ही कठिन इलाके में हथियारों की तेजी और दुरुस्ती से फायर करने की काबिलियत पर ही उसकी सफलता निर्भर करती है ! इस लिए किसी भ वेपन ट्रेनिंग का मुख्या उद्देश्य यह होता है की जवानों को हथियार चलने में इस काबिल माहिर कर दिया जाय की वह हथियार को इस्तेमाल कर के दुश्मन को बर्बाद कर सके !

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ज्यादातर आर्म्ड फ़ोर्स के जवानों को बेसिक ट्रेनिंग के दौरान PWT(Progressive Weapon Training) के तरीका से ट्रेनिंग दिया जाता है जिसमे पूरी ट्रेनिंग एक ट्रेनिंग एरिया में ही समाप्त हो जाती है और जवान को रियल ऑपरेशन अवस्था से आवगत नहीं हो पता है !

इसी कमी को दूर करने तथा अपने जवानों को ऑपरेशन टाइप माहौल में कैसे काम किया जाता है का ट्रेनिंग देने के लिए IWT इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग  का तरीका अपनाया गया है ! जिस में हथियार , टैक्टिस और फील्ड क्राफ्ट को एक साथ  सामिल किया जाता है! जिससे जवान को रियल ऑपरेशन का हालत महसूस हो !

इस पोस्ट के दौरन इन विषयों के बारे में  जानकारी प्राप्त करेंगे :

  1. IWT लेसन का उद्देश्य (IWT Lesson ka uddeshy)
  2. IWT लेसन चलाने  के लिए  जरुरी बातें  (IWT Lesson chalane ke lie jaruri bate)
  3. IWT लेसन का विवरण (IWT lesson ka details)
  4. IWT लेसन चलने का तरतीब (IWT Lesson chalane ka sequence)
  5. IWT लेसन को कामयाब बनाने वाली बाते (IWT Lesson ko kamyab banane wali bate)
1. IWT लेसन का उद्देश्य (IWT Lesson ka uddeshy): IWT का उद्देश्य है की हर जवान एक रियल टाइम ऑपरेशनल एरिया का माहौल देकर, उसको इस काबिल बनाया जाय  की वह टारगेट को पहचान सके, दुरुस्त फायरिंग पोजीशन का चुनाव कर सके,, फासले का सही अनुमान लगाये ,और हथियारों का सही इस्तेमाल करते, हुए तेज़ी और दुरुस्ती से दुश्मन को बर्बाद कर सके 
2. IWT लेसन चलाने  के लिए  जरुरी बातें  (IWT Lesson chalane ke lie jaruri bate): IWT लेसन चलाने के लिए कुछ मुख्य बाते इस प्रकार से है :

(a)इलाके का चुनाव और तैयारी: ट्रेनिंग के दौरान जिस टेक्टिकल हलत को बताना है उसके मुताबिक इलाके का चुनाव जरुरी है ! जैसे अगर  डिफेन्स का लेसन चलाना है तो डिफेन्स के सामने का इलाका खुला होना चाहिए ताकि अन्दर की हरकत का फायर आदि दिखाया जा सके !इलाके के चुनाव के बाद उसे लेसन  के अनुसार तैयार किया जाए जैसे ट्रेंच आदि खोदना है तो खोद लिया जाए ! वायर ओब्सटक्ल डमी माइन फील्डभी  लगाया जा सकता है !

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(b) दुश्मन की तैयारी: दुश्मन को टारगेट या डेमो ट्रूप्स की मदद से ज़ाहिर किया जा सकता है और दुश्मन ब्लांक राउंड , बिकोत स्ट्रिप , 90 ग्रेनेड आदि से फायर जाहिर कर सकता है !

(c) क्लास के जवानों की तैयारी: IWT लेसन ट्रेंड जवान को दिया जाता है ! इसलिए जवानों को फील्ड क्राफ्ट और टैक्टिस और हथियारों के बेसिक सिखलाई का अच्छा ज्ञान हो !

(d) अन्य सामान की तैयारी: सबक के उद्देश्य  को पूरा करने के लिए जो भी ट्रेनिंग एड्स जैसे ब्लांक राउंड, ड्रिल कार्ट्रिज, हथियार का सामान आदि का पहले से ही बंदोबस्त  कर लेना चाहिए ताकि सबक के दौरान रुकावट पेश न आये !

3. IWT लेसन का विवरण (IWT lesson ka details): IWT ट्रेनिंग के दौरान एक उच्चे दर्जे की ट्रेनिंग देने के लिए बनाया गया है ! इसे जवान को ऑपरेशन की हालत पेश करते हुए ज़मीं का दुरुस्त इस्तेमाल, टारगेट की पहचान, फासले का अनुमान और फील्ड क्राफ्ट की सभी सिखलाई शामिल हुए हथियारों की हैंडलिंग में अभ्यास दिया जाता है ! इसे लेसन  में जवान को बहुत ज्यादा दिलचस्पी होती है , क्योंकि यह अपनी काबिलियत और गलती का नतीजा उसी समाय ज़मीन र देख लेता है !

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4. IWT लेसन चलने का तरतीब (IWT Lesson chalane ka sequence): क्लास को IWT लेसन चलने का तरतीब इस प्रकार से होता है ! इसके लिए क्लास के सामने पहले से मुकरर किए हुए ट्रूप्स (डेमो ट्रूप्स )
 जांचा जाता है और प्रदर्शन उस्ताद निम्न कारवाही प्रदर्शन क्लास के साथ करता है !

(a) शुरू शुरू का काम (3 मिनट ): इसमें निरक्षण , गिनती ग्रौपों की बाँट बंदोबस्ती करवाई की जाती है ! समय को बचने के लिए कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट पहले से ही दे दिया जाता है !

(b) उद्देश्य (2 मिनट ): साफ़ छोटा होता है और उद्देश्य को दोहराया जाता है और हैंडलिंग में और भी ज्यादा अभ्यास देना है शब्द  जोड़ा जाता है !उद्देश्य के बाद सुरक्षा के लिए हिदायतों और किन बातो पर जोर दिया जायेगा यह भी बताया जाता है और उस्ताद के असेसमेंट के जो पॉइंट है उनके बारे में भी बताया जाता है

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(c)ऑपरेशन की हालत (2 मिनट): मुकरर हालत पेश किया जाता है यह असान  , सरल और जरुरत के अनुसार होना चाहिए ज्यादा लम्बा चौड़ा नहीं होना चाहिए !

(d) याद दिलाओ (5 मिनट) : सबक के दौरान होने वाली करवाई के ऊपर चाँद सवाल पूछकर क्लास को याद दिलाया जाता है ! उस्ताद को लेसन के लिए एक ही तरह के सवाल नहीं पूछना चाहिए !

(e) करवाई का अभ्यास (23 मिनट) : क्लास को मुनासिब जगह पर ले जाया जाता  है और लेसन में प्रयोग में आने वाले इलाके की हद बंधता  है और अभ्यास शुरू करता है ! साथ साथ दुश्मन (डेमो ट्रूप्स अपनी कारवाही शुरू करते है ) उस्ताद पूरी करवाई पर नगरानी करता है ! जरुरी बातो पर जोर देता है , गलती पकड़ता है गलती दूर करता है और मूल्यांकन करता है ! इसी दौरान कभी कभी उस्ताद क्लास के जवानों को भी सुपरभीजन करने के लिए नियुक्त करता है !

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(f) संक्षेप्त (4 मिनट): संक्षेप्त में क्लास के साथ अच्छे और कमजोर पॉइंट पर वाद विवाद और जवानों के मूल्यांकन का नतीजा उनको बताता है ! जवानों को पहले अपनी गलती खुद बोलने का मौका देता है इसके बाद उनकी गलती बताता है !

5.IWT लेसन को कामयाब बनाने वाली बाते (IWT Lesson ko kamyab banane wali bate): IWT ट्रेनिंग को कामयाब बनाने वाली कुछ बाते निम्न है:

(a) वास्तविकता का ध्यान रखा जाए , लेसन वास्तविक होना चाहिए जिसके लिए जरुरी है की उस्ताद और क्लास को दुश्मन , टैक्टिस , हथियार का रेंज और लड़ाई की हालातो से पूरा वाकिफ होना चाहिए !

(b) दुश्मन और स्टाफ की ब्रीफिंग : दुशमन और निरिक्षण स्टाफ डिटेल में ब्रीफ होना चाहिए जिससे की लेसन के दौरान कोई त्रुटी न रह जाये !

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(c) तैयारी: सबक के हर एक पहलु की विस्तार में तैयारी होना जरुरी है !

(d) तरतीब : सबक सदा दुरुस्त तरतीब से ही चलाया जाना चाहिए !

(e) साफ़ और छोटा होना चाहिए : उद्देश्य सदा साफ़ और छोटा होना चाहिए

(f) आसन लड़ाई की हालत : लड़ाई की हालत आसन और क्लास के मुताबिक होना चाहिए !

(g) गलती पकड़ना : पुरे सबक के दौरान गलती को पकड़ने और दूर करने में ज्यादा जोर दिया जाए ! अगर जवान फिर भी गलत करवाई करे तो उस्ताद नमूना दे !

(h) सबक पर वाद विवाद : संक्षेप्त के दौरान उस्ताद क्लास से खुद की गलती कहलायेगा , इससे हर जवान अपनी गलती महसूस करेगा और वह गलती को जल्दी से दूर करेगा !

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IWT लेसन से जवानों की लड़ाई की हालत से अच्छी वाकफियत और उसमे कारवाही  करने का अच्छा अभ्यास मिलता है !

IWT लेसन की सफलता , बहुत कुछ इस सबक के तैयारी पर निर्भर करता है ! लड़ाई की हालत में काम करने से दिलचस्पी बढती है और सिखलाई का स्तर भी उच्चा होता है !

इस प्रकार से  इंटीग्रेटेड  वेपन ट्रेनिंग (IWT) से सम्बंधित संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब  और फेसबुक पेज को लाइक  करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
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