3 मुख्य अवस्थाये और विधिया नाईट मार्च करने के लिए

पिछले पोस्ट में हमने 4 शुरू की बाते  नाईट मार्च के बारे में इसकी जानकारी प्राप्त की ! इस पोस्ट में हम जानेगे 3 मुख्य अवस्थाये और विधिया नाईट मार्च करने के बारे में !



जैसे की हमन जानते है की नाईट मार्च करने के बहुत फायदा  है लेकिंग साथ ही नाईट मार्च करना उतना असना भी नहीं है ! नाईट मार्च शत्रु के एरिया में करते समय बहुत  से खतरों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है !


इस खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए नाईट मार्च की प्रैक्टिस बहुत अच्छी तरह से करना चाहिए और हर अवस्था में करना चाहिए ! ताकि जवान जरुरत पड़ने पर किसी भी अवस्था में नाईट मार्च करने में हिचकिचाहट न महसूस करे !

जरुर पढ़े :मैप रीडिंग और मैप रीडिंग का महत्व



इस पोस्ट में हम नाईट मार्च के जो तीन निम्न अवस्थाये है उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे और यह भी जानेगे की इन अवस्थाओ में मार्च करने की विधि क्या है !

नाईट मार्च
नाईट मार्च 

1. चांदनी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Moon light me night march karne ka vidhi)
2. तारो भरी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Star light night me night march karne ka vidhi)
3. बदल भरी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Cloudy night me night march karne ka vidhi)
जरुर पढ़े :अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके


1. चांदनी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Moon light me night march karne ka vidhi):चांदनी रात में नाईट मार्च करने का विधि इस प्रकार  से है :

  • रात को बताये हुए बेअरिंग पर एक ही सिद्ध में दो मशहूर जमीनी निशान चुनते है !
  • और उनकी सीधी लेते हुए आगे बढ़ जाते है !
  • जब हम नजदीक यनी पहली वाली मशहूर निशान पर पहुच जाते है तो दूसरी निशान की सिद्ध में अर्थात दिए हुए बेअरिंग पर तीसरा निशान चुनते है !
  • ठीक इसी प्रकार से अगला निशान पे आ जाने पर उसी के सिद्ध में एक और निशान चुनते हुए उसी के बेअरिंग पर चलते जाते है !
  • इस प्रकार से एक निशान से दुसरे और दुसरे से तीसरे  निशान होते हुए हम अपने टारगेट पे पहुच जाते है !
सामने एक  साथ दो निशान के चुनने से हम हमेशा ठीक बेअरिंग पर चल सकेगे ! निशानों के बिच जितना अधिक फासला होगा उतनी सिधाई में गलती की सम्भावनाये काम रहेगी !

2. तारो भरी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Star light night me night march karne ka vidhi):तारो भरी रात में नाईट मार्च करने का तरीका इस प्रकार से है :
  • दिए हुए बेअरिंग पर आकाश में  लगभग 30 डिग्री के उचाई पर सब तारो में सबसे ज्यादा चमकने वाला तारे को चुनते है !
  • लगभग 30 डिग्री की उच्चाई पर ही तारो के चुनने के दो कारण है :

  1. यदि तारा 30 डिग्री से अधिक उच्चाई पर चुना जायेगा तो हमे अपने गर्दन को ऊपर कर चलना पड़ेगा जो की एक असुविधाजनक और कठिन है !
  2. यदि तारा 30 डिग्री से काम उच्चाई पर चुना जायेगा तो वह तारा जल्दी धूमिल हो जायेगा और इसे पहचानने में परिशानी होगी !


  • तारे के चुनाव कर लेने के बाद यदि संभव हो तो किसी मशहूर निशान को भी तारे की सीध में चुन लेना चाहिए !
  • इस प्रकार तारे और जमीन निशान के सिद्ध में बढ़ते चले जाना चाहिए !

देखा गया है की स्काइलाइन के पास का तारा अपने स्थान से 20 मिनट में लगभग 5 डिग्री दाहिने या बाये हट जाता है !
ध्यान रहे एक डिग्री दाहिने बाये हो जाने से एक मिल जाने के बाद लगभग 30 गज का अंतर पड़ जाता है !
इस प्रकार से 5 डिग्री दाहिने या बाये हटने से 1 किलोमीटर जाने के बाद लगभग 85 मीटर और 1 मिल जाने के बाद 150 गज का फर्क पड़ जाता है !
3. बादल भरी रात में नाईट मार्च करने का विधि (Cloudy night me night march karne ka vidhi):बादल भरी रात में नाईट मार्च करने का तरीका इस प्रकार है :

जरुर पढ़े :मैप रीडिंग की अवाश्काताये तथा मैप का परिभाषा

  • घना अँधेरा हो तो चलने का आसान  तरीका है की दिए हुए बेअरिंग पे एक आदमी को इतनी दूर भेजा जाय , जहा तक की वह दिखाई दे सके !
  • बाद में कम्पस वाला जवान  फासला नापते हुए  उस व्यक्ति के पास पहुचे !
  • उस व्यक्ति के पास पहुच कर फिर वही प्रकिया दुहराई जाए !
  • यदि आगे चलने वाला व्यक्ति के पीठ के ऊपर कोई चमकीला पेंट , या सफ़ेद कपडा बांध दिया जाय तो दूर से दिखाई देने के कारण एक बार में काफी फासला तय किया जा सकता है !
  • ध्यान रखे एक बार में जितना ज्यादा दुरी तय की जाएगी उतनी ही काम गलती होगी !
इस प्रकार से हम बाउंड ब्य बाउंड(Bound by Bound) हम बादल  भरी रात में आसानी से मार्च कर सकते है !

इस प्रकार से नाईट मार्च के 3 मुख्या अवस्थाये  और  नाईट मार्च(night march karne ketarike) करने की विधिओ से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !

इन्हें  भी  पढ़े :  


  1. मैप कितने प्रकार के होते है ?
  2. कंपास को सेट करना तथा इस्तेमाल करने का तरीका
  3. कंटूर रेखाए क्या है ? एक मैप की विश्वसनीयता और कमिया किन किन बाते पे निर्भर करती है ?
  4. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  5. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  6. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  7. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  8. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  9. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  10. 13 तरीके मैप सेट करने का !


Leave a Reply

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping