महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने प्रोबेशन और पैरोल के बारे में जानकारी प्राप्त की थी और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य  के बारे में हिंदी में जानकारी प्राप्त करेंगे(Mahila aur Bachcho ke prati hinsa aur police ka action) ! इस विषय के अच्छी तरह से सझने के लिए इसे हमने निम्न भागो में बाँट दिया है !

Women Atrocity
Women Atrocity 

1.इंट्रोडक्शन  :प्राचीन काल से महिला केवल एक ग्रहणी ही समझे जाती है जिसका बाह्य समाज से लोग लेश मात्र भी संपर्क नहीं था यद्यपि इसमें अपवाद तो संभव है परन्तु  आधुनिक युग में  महिलाओं की भागीदारी समाज में और समाज की रचना में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है! जिसमें महिलाएं एक प्रेरणा के स्रोत के रूप में कार्य करती आ रही है! आज महिला हर क्षेत्र में सफल भूमिका निभा रही है!

2.महिलाओं के प्रति पुलिस का व्यवहार : 

  • किसी भी प्रकार की पूछताछ एक अन्वेषण के दौरान के दौरान महिला की शालीनता का ध्यान रखा जाए।
  • महिला से पूछताछ करते समय महिला अधिकारी या उसके परिजन को साथ होना आवश्यक है।
  • किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें। 
  • महिलाओं के साथ पूछताछ के समय अच्छे आचरण का परिचय देना चाहिए। 
  • तलाशी केवल महिला द्वारा ही करवानी चाहिए 
  • महिला की बात को ध्यान पूर्वक सुने एवं अति आवश्यक कार्रवाई करना 
  • छींटाकसी न करे !
 3.स्टॉप महिलाओं पर होने वाले अपराध/हिंसा :

  • छेड़खानी (Eye Teasing) IPC 354 /509 की अपराध 
  • दहेज के लिए प्रताड़ित करना  IPC 498-A की अपराध 
  • दहेज के लिए मौत(Dowry Death) IPC 304 का अपराध  
  • बलात्कार IPC 376 का अपराध 
  • दहेज लेना धारा 4 दहेज अधिनियम 28 1961  का अपराध 

4.बच्चों के प्रति पुलिस का व्यवहार:

  •  बच्चों में पुलिस के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करने के लिए सहानुभूति एवं प्रेम आधारित व्यवहार करना चाहिए !पुलिस की छवि सुधरेगी !
  • स्नेह पूर्व  व्यवहार पुलिस को सहायता मिलेगी 
  • बच्चों की एक उगती हुई  प्रतिभा है इसलिए उनसे कर्कश शब्दों में बात ना करे !
  • बच्चों   पूछताछ करते समय उनके निकतम  संरक्षक की  उपस्थिति में होना चाहिए 
  • किसी भी पुलिस मामले में बच्चों को थाने में ना बुलाये !
  • अपराधी बच्चे को गिरफ्तार कर के ब्यास्क अपराधियो के साथ ना रखे हो सके तो अपने पास रखे अगर किशोर गृह उपलब्ध न हो तो 
  • बच्चो के जहातक हो सके हथकड़ी न लगाये !
  • किशोर अपराधी को जेल में न भेज कर उसे सुधर केंद में भेजे 
  • अपराधी बच्चो के सामने उग्र रूप ना धारण करे !
  • अपराधी बच्चो को धमकी नदे नहीं तो उसके अन्दर का डर निकल जायेगा और वह पथभ्रष्ट हो जायेगा !
  • बच्चो के सामने उसके संरक्षक माता पिता को अपमानित ना करे ! 
इस प्रकार से महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य से  सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह  पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

इन्हें भी  पढ़े :

  1. पुलिस ड्यूटी
  2. फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया
  3. 6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है
  4. क्राइम सीन पे सबसे पहले करनेवाले काम एक पुलिस ऑफिसर के द्वारा
  5. बीट और बीट पेट्रोलिंग क्या होता है ?एक बीट पट्रोलर का ड्यूटी
  6. पुलिस नाकाबंदी या रेड् क्या होता है ?नाकाबंदी और रेड के समय ध्यान में रखनेवाली बाते 
  7. निगरानी और शाडोविंग क्या होता है ? किसी के ऊपर निगरानी कब रखी जाती है ?
  8. अपराधिक सूचना कलेक्ट करने का स्त्रोत और सूचना कलेक्ट करने का तरीका
  9. चुनाव के दौरान पुलिस का कर्तव्य
  10. थाना इंचार्ज के चुनाव ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट
Leave a Reply

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping