7.62 mm एसएलआर राइफल की दुरुस्त पकड़ हासिल करने का आसान तरीका

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने 7.62 के IWT भरना, खली करना तथा मेक सेफ के आसन तरीका के बारे में जानकारी प्राप्त किये और अब उसी श्रृखला को आगे बढ़ाते हुए इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम 7.62 mm एसएलआर राइफल की दुरुस्त पकड़ हासिल करने का आसान तरीका को सीखेंगे(7.62mm SLR ki durust pakad hasil karne ka assan tarika) ! इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग (IWT) को आसानी से समझने के लिए हमने ट्रेनिंग स्कूल में जिस क्रमबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जाती है वैसे ही बता रहा हु !

Kneeling position
निलिंग पोजीशन 

1.शुरू शुरू का काम :

  • क्लास की गिनती और ग्रुपों में बांट। 
  • हथियार और सामान का निरीक्षण। 
  • बंदोबस्ती कार्रवाई। 
2.परिचय :राइफल को कई पोजीशन  से फायर किया जाता है लेकिन कोई भी पोजीशन ऐसा हो कि आसानी से अख्तियार किया जा सके और हथियार और मजबूत पकड़ हासिल किया जा सके। 

3. उद्देश्य: IWT के माध्यम से  भिन्न भिन्न  पोजीशन से 7.62 mm  राइफल की दुरुस्त पकड़ हासिल करने का तरीका सीखना है। 

4. समान: राइफल, मैगजीन, ड्रिल कार्ट्रिज , सभी प्रकार के आड़, टारगेट और ग्राउंड सीट। 

5 भागों में बांट 

  • भाग-1- लाइंग और नीलिंग पोजीशन। 
  • भाग- 2-  सीटिंग और स्टैंडिंग पोजिशन। 
भाग -1 लाइंग और नीलिंग पोजीशन- किसी भी फायरिंग पोजीशन के तीन बुनियादी उसूल है:

  •  हड्डियों का सपोर्ट 
  • मांसपेशियों में आराम दे 
  • कुदरती सिधाई  

(अ) लाइंग पोजीशन 

  • लाइंग  पोजीशन सभी  का पोजीशनो का एक  बुनियादी पोजीशन है। 
  • इसमें बदन का खाका छोटा बनता है। 
  • साथ ही अपने हथियार से दुश्मन के ऊपर कारगर फायर डाला जा सकता है। 

पोजीशन लेने का तरीका: 

  • टारगेट की सीध  में खड़े हो 
  • और चलती हालात में बाएं पैर को आगे और बाएं करें 
  • साथ ही राइफल को इस प्रकार उठाने की बाएं हाथ की पकड़ फोरहैंड गार्ड पर हो 
  • और दाएं हाथ की मदद से हथेली को जमीन का सहारा लेते हुए लेट जाएं। 

इस पोजीशन में देखने वाली बातें इस प्रकार है 

  • फ्लैश हाईडर  जमीन से ऊपर हो। 
  • बदन टारगेट से तिरछा हो 
  • और पैर कद के मुताबिक खुला हो 
  • तथा हो सके तो दोनों पैर की एड़ियां जमीन से सटी हो। 
  • बदन के नीचे कोई चुगने वाली चीज ना हो और छाती उठा हुआ हो। 

पकड़ : 

  • बाएं हाथ की पकड़ हैंड गार्ड और कोहनी जमीन से टिकी हुई। 
  • दाहिने हाथ की पकड़ पिस्टन ग्रिप  से राइफल पीछे की तरफ खींचा हुआ। 
  • कलमें वाली अंगुली ट्रिगर गार्ड पर 
  • बट कंधे के मुलायम जगह पर मजबूती से जमा हुआ हो। 
  • सर बैठ के ऊपर इस प्रकार रखा जाए कि गाल बट के साथ लगा हो। 
  • फायरर  इस बात पर ध्यान दें कि सिर का पोजीशन बट पर एक जैसी हो। 
  • आंख बैक साइड अप्रेचर पर  एक बराबर दूरी पर होनी चाहिए। 
  • बट को हड्डी पर न रखा जाए। 
  • जब आदेश मिले खड़ा हो तो राइफल को बाएं हाथ से दाहिने बगल में लाएं। 
  • साथ ही बाय पोजीशन को क्लोज करें 
  • और दाहिने हाथ से जमीन को सहारा लेते हुए करके खड़ा हो जाए। 

(ब)नीलिंग पोजिशन:

  • नीलिंग पोजीशन तैयार करने के लिए टारगेट की तरफ फेस करें बाएं पांव को टारगेट के सीध में रखें। 
  • साथ ही राइफल को आगे उछलते हुए बाएं हाथ से पकड़े। 
  • मजल आगे और ऊपर की तरफ हो 
  • और दाहिने घुटने को दाहिने रखते हुए बैठ जाएं। 
  • अगर संभव हो तो बदन का बोझ दाहिने एड़ी पर हो। 
  • बाय कोहली को बाएं घुटने पर इस प्रकार रखें कि कोहनी की हड्डी घुटने की हड्डी से अलग हो।
  •  दाहिने हाथ से पिस्टन ग्रिप को पकड़े 
  • और बट को दाहिने कंधे के गैप में जमाए 
  • और दाहिने कोहनि  को ऊपर और जमीन के समानांतर रखें। 
  • आवश्यकता पड़ने पर अनसपोर्टेड फायर भी किया जा सकता है। 

भाग -2 – सिटीग और स्टैंडिंग पोजिशन

सीटिंग पोजिशन: जब आड़  नीलिंग पोजीशन से छोटा हो या जमीन ढलानदार हो तो सीडिंग पोजीशन का इस्तेमाल किया जाता है। ढलान पर पोजीशन लेते समय दोनों पैरों की एडियो को  जमीन पर जमा दी जाती है जिससे बदन को स्थिरता मिलती है। 

इस पोजीशन को अख्तियार करने के लिए करवाई इस प्रकार करें 

  • यह पोजीशन तैयार करने के लिए 
  • टारगेट की तरफ मुंह करें 
  • और आधा दाहिने मुडे
  •  पांव को जरूरत के मुताबिक खोलें 
  • तथा दोनों पांव को स्थिर रखते हुए नीचे बैठ जाएं। 
  • बाएं हाथ की कोहनी बाएं घुटने के अंदर की तरफ रखें। 
  • दाहिने हाथ से पिस्टन ग्रिप  को पकड़े हुए बट को कंधे में ले जाएं 
  • और दाहिनी कोहनी को दाहिने घुटने के अंदर रखते हुए लॉक करें। 

स्टैंडिंग पोजिशन 

स्टैंडिंग पोजिशन से हम टारगेट पर  उस वक्त फायर करते हैं जबकि उस टारगेट पर किसी दूसरे पोजीशन से फायर करना मुनासिब ना हो या हरकत के द्वारा जब अचानक टारगेट सामने आए तब भी स्टैंडिंग पोजिशन स फायर किया जाता है!

स्टैंडिंग पोजिशन अख्तियार करने के लिए करवाई इस प्रकार करें 

  • टारगेट की तरह मुह करें। 
  • आधा दाहिने मुड़े 
  • साथ ही राइफल को आगे उछलते हुए 
  • बाएं हाथ से इस प्रकार पकड़े 
  • की मजल ऊपर की तरफ 
  • और बट कुल्हे  के समांतर हो 
  • तथा पांव कद के मुताबिक खुला हो। 
  • दाहिने हाथ से पिस्टन ग्रिप को पकडे हुए 
  • बट को दाहिने कंधे के गैप में टिकाये । 
  • दाहिनी कोहनी को ऊपर उठाएं ताकि कंधे से बट के लिए अच्छी जगह बने 
  • और राइफल को मजबूती से पकड़ा जा सके। 
  • इस प्रकार राइफल का ज्यादा से ज्यादा वजन दाहिने हाथ में होगा बाएं हाथ से राइफल को बाकी पोजीशन की अपेक्षा थोड़ा आगे से ऐसा करने से राइफल को सहारा मिलेगा।
  •  पोजीशन को दुरुस्त करने के लिए पांव को उस वक्त तक हरकत दें जब तक कि दुरुस्त तौर  पर निशाना ले सके। 
  • बदन का बोझ  दोनों पांव पर बराबर होना चाहिए।

इस प्रकार से 7.62 एस एल आर राइफल की दुरुस्त पकड़ हासिल करने का आसन तरीका का इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग का सबक पूरा हुवा !

इसके साथ ही 7.62 एस एल आर राइफल की दुरुस्त पकड़ हासिल करने का आसन तरीका    IWT(इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग ) से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!
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