5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा में जानेगे

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल से शिस्त लेना और फायर करना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस   लेसन में हम 5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा    में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke chaal aur padne wali roke ke Integrated Weapon Training Module saral bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1.शुरू-शुरू का काम –

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2 दोहराई -दोहराई पिछले पाठ से (शिस्त लेने और फायर करने से लिया जाय) ।

3. पहुँच :- इन्सास राइफल गैस के दबाव और रिक्वाईल स्प्रिंग की ताकत से चलनेवाला हथियार है।

जरूरत पड़ने पर इस हथियार से भारी तदाद में सिंगल शॉट और श्री राउण्ड कंट्रोल बट फायर किया जाता है । लेकिन फायरिंग के दौरान चाल वाले पुर्जे मशीन की तरह काम करते हैं । पुर्जा की हरकत के दौरान कोई रोक हो जाय, तो जवान को इस काबिल होना चाहिए कि वह रोकों को पहचानकर उसे

दूर कर सके।

4. उद्देश्य – 5.56 एम.एम. राइफल की चाल और पड़नेवाली रोकों को दूर करने का तरीका सिखाना

है (उद्देश्य को दोहराया जाये)।

5. सामान – राइफल, मैगजीन, ड्रील काट्रिज, क्लियरिंग किट बॉक्स, चाल का डायग्राम, इजल, ब्लैकबोर्ड,चौक-डस्टर, टारगेट और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट-

  • भाग 1- इन्सास राइफल की चाल ।
  • भाग 2- फौरी इलाज ।
  • भाग 3- गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें ।

भाग 1-

इन्सास राइफल की चाल

इन्सास राइफल की चाल-इन्सास राइफल की चाल आठ एक्शनों में पूरी होती है । इसकी मैकेनिकल सेफ्टी लॉक, अनलॉक और सेफ्टी सियर है । अप्लाईट सेफ्टी चेंज लीवर है ।

राइफल की चाल में काम आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम इस प्रकार है-

  • हैमर,
  • फायरिंग पिन,
  • गैस वेन्ट,
  • गैस प्लग,
  • गैस सिलेन्डर,
  • स्केप होल.
  • पिस्टन एक्सटेंशन
  • गाईडवे गाईड लग,
  • बैरल एक्सटेंशन,
  • इजेक्टर,
  • एक्सट्रेक्टर रिटर्न लिंग,
  • फीड पीस.
  • राउण्ड,
  • सेफ्टीसियर
  • और पिस्टन एक्सटेंशन का पिछला निचला और दायाँ पहलू ।

चाल:

5.56 mm INSAS Rifle ki chal
5.56 mm INSAS Rifle ki chal 
  1. चेंज लीवर को आर’ या ‘बी’ पर करके ट्रिगर को दबाते हैं. तो हैमर आजाद होकर फायरिंग पिन रिटेनर पर ठोकर मारता है, जिससे फायरिंग पिन अपने वे से निकल कर चेम्बर में दाखिल राउण्ड के पदे पर ठोकर मारता है, जिससे राउण्ड फायर हो जाता है ।
  2. राउण्ड फायर होने से गैस पैदा होती है. गैस बुलेट को बैरल में आगे धकेलती है. ज्योंही बुलेट गैस वेन्ट से आगे गुजरती है. तो कुछ गैस गैस-वेन्ट के सुराग से होकर गैस सिलेन्डर में दाखिल होती है । सिलेन्डर में कितनी गैस दाखिल होगी यह गैस रेगुलेटर के सेटिंग पर निर्भर करता है । गैस सिलेन्डर में दाखिल हुए गैस पिस्टन हेड पर दवाब डलता है, जिससे पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे को हरकत करता है । इस हरकत के दौरान पाथवे, केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट को दायें से बायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेन्शन लॉकिंग लग से अलग हो जाता है, इस कार्रवाई को अनलॉक कहते हैं। 
  3. इसी दौरान रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर फायर केश को प कर पीछे लाता है। इस कार्रवाई को एक्सट्रेक्ट कहते हैं। 
  4. पिस्टन एक्सटेन्शन के पीछे की हरकत जारी रहती है, इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेशन के स्टेन हैमर को थोड़ा नीचे दबाता है. फिर पिस्टन एक्सटेन्शन का बटम सरफेस हैमर को पूरा नीचे दबा देता है, जिससे ट्रिगर सियर का नोज हैमर के कटाव में फस जाता है. इस एक्शन को कॉक कहते हैं । 
  5. पुर्जा के पीछे की हरकत जारी रहती है । इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट फायर केश को पीछे लाता है और रास्ते में इजेक्टर से टकराकर खाली केश इजेक्शन स्लॉट के द्वारा दाहिनी ओर नीचे गिर जाता है. इस एक्शन को इजेक्ट कहते हैं । 
  6. रिक्वाईल स्प्रिंग सिकुड़ जाता है और गाइड को ओवरलैप कर देता है । जब रिक्वाईल स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है तो पिस्टन एक्सटेन्शन को आगे ढकेलता है. इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट का फीड पीस मैगजीन के ऊपर वाले राउण्ड को धकेल कर चैम्बर में दाखित कर देता है. इस एक्शन को फीड कहते हैं ।
  7.  रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर चैम्बरखाले राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है और रोटेटिंग बोल्ट की आगे की हरकत समाप्त हो जाती है. इस एक्शन को लोड कहते हैं । 
  8. पिस्टन एक्सटेन्शन की आगे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पाथवे की मदद से केम रोटेटिंग बोल्ट को बायें से दायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेंशन के लॉकिंग लग में फस जाता है । इस एक्शन को लॉक कहते हैं । 

लॉकिंग की कार्रवाई हो जाने के बाद भी पिस्टन एक्सटेन्शन की आखरी हरकत बाकी रहती है. इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का दाहिना, निचला और पिछला हिस्सा सेफ्टी सियर पर दवाब डालता है, जिससे सेफ्टी सियर का नोज हैमर के कटाव से अलग हो जाता है । यहाँ पर राइफल दोबारा फायर के लिए तैयार हो जाता है. इस एक्शन को फायर कहते हैं।

भाग 2-

फौरी इलाज

फौरी इलाज :- राइफल शुरू से ही फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो कार्रवाई फौरी इलाज की करें । करने का तरीका इस प्रकार है-(बयान के साथ नमूना और नकल)

  • कलमे वाली अँगुली को ट्रिगर से बाहर निकालें.
  • राइफल को कंधे से नीचे लाएँ दाहिने टर्न करते हुए राइफल को कॉक करें ।
  • होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD) को लगायें और राइफल को बायें टर्न करें ।
  • इजेक्शन स्लॉट द्वारा मैगजीन चेम्बर का निरीक्षण करें।
  • देखने से पता चला चेम्बर खाली और मैगजीन खाली. तो खाली मैगजीन के रोक को समझकर मैगजीन की बदली करें।
  • देखने से पता चला मैगजीन भरा इजेक्ट राउण्ड, तो राउण्ड के पेंदे को चेक करें । अगर पेंदे पर चोट है तो मिस फायर की रोक समझें।
  • अगर देखने से पता चला की बॉडी में राउण्ड लटका हुआ है, तो मैगजीन कैच दबाते हुए मैगजीन को उतारने से राउण्ड नीचे गिर जायेगा। राउण्ड को साफ करके मैगजीन में भरें और राइफल को फायर में शामिल करें। इस प्रकार राइफल को एक बार कॉक करने और मैगजीन की बदली करने से तीन प्रकार की रोकों को दूर किया जाता है।
    • (क) खाली मैगजीन
    • (ख) मिस फायर
    • (ग) बॉडी में लटका हुआ राउण्ड।

नोट-ध्यान रहे की पुर्जी पर कंट्रोल करने से पुर्जे बीच में ही रुक जाते हैं । यकीन करें कि पुर्जे ठीक तरह से आगे बैठ गये हैं।

अभ्यास अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा राइफल ठीक फायर करता रुकता, आप फौरी इलाज की कार्रवाई करेंगे । रोकें मैं दूंगा आप दूर करेंगे (क्लास से सवाल-जवाब) ।

भाग 3-

गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें :

गैस की कमी की रोक :- फौरी इलाज की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे या एक-दो राउण्ड के बाद रुक जाय, तो कार्रवाई गैस की कमी की रोक समझकर दूर करें । फौरी इलाज की पूरी कार्रवाई करें । देखने में आया मैगजीन भरा चेम्बर खाली । चाल वाले पुर्जे आगे जाने दें. चेंज लीवर ‘एस’ पर करें । (क्लास को नजदीक से दिखाएँ) राइफल को दाहिने बगल में लायें, राइफल को कलम की तरह पकड़ें । बायें हाथ से कपड़ा लेकर गैस रेगुलेटर के पोजीशन को लो (Low) से हाई (High) पर करे। राइफल को फायर में शामिल करें।

अन्य रोके :-गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे तो अन्य रोक समझकर दूर करें (कार्रवाई को दिखाने के लिए क्लास को नजदीक बुलायें)। चेन्ज लीवर को ‘एस’ पर करें मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें, चेंज लीवर को आर’ या ‘बी पर करें, राइफल को खाली करे ।राइफल को खोलकर निरीक्षण कर, यदि एक्सट्रक्टर, फायरिंग पिन टूटा हो, या चम्बर म कटा हुआ केश नजर आता है, तो राइफल को जोड़ें. कॉक करें होल्डिंग डिवाइस लगायें । क्लीयरिंग प्लग को लें, बेस, स्लीव और सेन्टर पिन को आपस में कसें व चेम्बर में दाखिल करें। राइफल को कॉक करें.। यकीन करें कि कटा केश चेम्बर से बाहर निकल गया है। राइफल को फायर में शामिल करें। समय मिलने पर क्लीयरिंग प्लग से कटे केश को अलग कर किट बॉक्स में रखें। अगर गैस फाउलिंग हो गया हो तो राइफल खोलकर सफाई कर ली जाय।

इस प्रकार से यहाँ 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से सम्बंधित IWT समाप्त हुई !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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