सम्मन का प्रारूप और उसे तमिल करने के विधिया

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  पुलिस रेक्रुइट्स के लिए सरकार गठन की परक्रिया के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की और अब इस नै पोस्ट में हम सम्मन का प्रारूप और उसे तमिल करने के विधिया क्या है उसके बारे में जानकारी प्राप्त जरेंगे !

1. सम्मन   क्या है (what is Summon?): न्यायिक प्रक्रिया में साक्षी के रूप में शामिल होने के लिए न्यायालय द्वारा भेजे गए लिखित बुलावे को ही सम्मन  कहते हैं! सम्मन  अभिप्राय न्यायालय के द्वारा साक्षी को बुलाने के लिए दिए गए नोटिस से है !

2.कानूनी प्रावधान(What is law regarding issue of Summon?): सीआरपीसी की धारा 61 से लेकर 69  के बीच और धारा 244 में सम्मन  के बारे में बताया गया है! इस CrPc धाराओ  में बताया गया है की सम्मन को कैसे तामिल करना चाहिए !

3.सम्मन  का प्रारूप(Important points for summon):सम्मन का प्रारूप इस प्रकार से होता है :

  • सम्मन लिखित होता है। 
  • इस की दो प्रतियां होती है।
  •  दोनों प्रतियां असल होती है। 
  • न्यायालय की मुहर लगी  होती है। 
  • मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर होते हैं। 
4.समन की तामील कौन कर सकता है (Who can be asked to  implement  the summon?):सम्मन  को तमिल निम्न एजेंसियां कर सकती है:

  • पुलिस 
  • राज्य सरकार द्वारा निर्मित नियमानुसार संबंधित न्यायालय के किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा 
  • अन्य लोक सेवक द्वारा 
5.समन की तामील कैसे की जाएगी(How summon can be implemented?): समन की तामील करने की प्रक्रिया निम्न है 
  • संबंधित व्यक्ति को एक प्रति देकर। 
  • दूसरी प्रति पर संबंधित व्यक्ति के हस्ताक्षर होना चाहिए 
  • हस्ताक्षरित प्रति  की रिपोर्ट सहित न्यायालय को वापस भेजना। 
6.सम्मन तामील की विधियां(Procedure for implementing summon): सम्मन तामील करने की विभिन्न विधियां इस प्रकार से है :
  • निगमित निकाय व सोसायटी पर तमिल  जो की CrPc की धारा  63  में बताया गया  उस के अनुसार होगी !
  • सम्मन किया गया व्यक्ति न मिलने पर तामील  की विधि CrPc की  धारा 64  बताया गया है !
  • जब धारा 63 व 64  के अनुसार तमिल न हो सके तो  तमिल की प्रक्रिया धारा 65 पर बताया गया है!
  • सरकारी लोकसेवक ऊपर सम्मन कैसे तामील की जाएगी उसके बारे में CrPc की धारा  66 में बताया गया है
  • स्थानीय सीमाओं से बाहर की तामील सीआरपीसी की धारा 67 में बताया गया है 
  • अगर तामिल किया गया व्यक्ति  न्यायालय में उपस्थित ना हो तो करवाई क्काया की जाएगी इसकी जानकारी  धारा 68 सीआरपीसी में बताया गया है 
  • साक्षी तथा डाक द्वारा तामिल करने की विधि  धारा 69 सीआरपीसी में बताया गया है 
7. सम्मन को  तमिल के समय ध्यान देने योग्य बातें(Points should be ensure while implementing summon) : सम्मन को तामिल करते समय निम्न बातो को ध्यान में रखना चाहिए :
  • सम्मन तामिल करने वाले  को देख लेना चाहिए की सम्मन बैध्य तो है !
  •  सम्मन की तामिल   समय से पहले होनी चाहिए। 
  • तामिल की गई सम्मन को  यथा समय न्यायालय में भेजें। 
  • जहां तक संभव हो उसी व्यक्ति को सम्मन देना चाहिए जिसके नाम से निकला है। 
  • सम्मन को ठीक से रिपोर्ट करे !
  • सम्मन  का लेखा-जोखा रिकॉर्ड ठीक रखें तथा मासिक लिस्ट तैयार रखना चाहिए ।
इस प्रकार से सम्मन के प्रारूप तथा सम्मन को तामिल करने  से  सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह  पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

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