Fieldcraft Judging distance

fieldcraft : Judging distance kya hai?

Fieldcraft Judging Distance पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने फिल्डक्राफ्ट की परिभाषा की और इस ब्लॉग पोस्ट में हम चीजें क्यों नजर आती हैं (why things are seen)? को में समझने की कोशिस करेंगे ! यह पोस्ट कांस्टेबल रेक्रुइट्स और न्यू अग्निवीर(Agniveer) रेक्रुइट्स के लिए काफी सहायक होगा ! हमे उम्मीद है की आर्म्ड फाॅर्स के नए रेक्रुइट्स के साथ साथ यह पोस्ट अग्निवीर आर्मी(Agniveer Army) , अग्निवीर एयरफोर्स(Agniveer Airforce) या अग्निवीव्र नेवी(Agniveer Navy) सभी के बेसिक ट्रेनिंग के दौरान हेल्प करेगा. fieldcraft: Judging distance फासले का अनुमान लगाना  फासले का अनुमान लगाने के चार तरीके हैं- इकाई के तरीका, दिखायी का…

5.56 mm इंसास एल एम् जी से फायर करने का तरीका के IWT सरल भाषा में

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास एल एम् जी के मगज़ीन को भरना , खाली करना , एल एम् जी को भरना, खाली करना मेकसेफ तथा साईट लगाना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 5.56 इंसास एल एम् जी से फायर करने का तरीका  के IWT सरल भाषा में जानेगे(5.56 mm INSAS LMG se fire karne ka Tarika ka IWT saral sabdo me  ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!   एल एम्…

सम्मन का प्रारूप और उसे तमिल करने के विधिया

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  पुलिस रेक्रुइट्स के लिए सरकार गठन की परक्रिया के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की और अब इस नै पोस्ट में हम सम्मन का प्रारूप और उसे तमिल करने के विधिया क्या है उसके बारे में जानकारी प्राप्त जरेंगे ! 1. सम्मन   क्या है (what is Summon?): न्यायिक प्रक्रिया में साक्षी के रूप में शामिल होने के लिए न्यायालय द्वारा भेजे गए लिखित बुलावे को ही सम्मन  कहते हैं! सम्मन  अभिप्राय न्यायालय के द्वारा साक्षी को बुलाने के लिए दिए गए नोटिस से है ! 2.कानूनी प्रावधान(What is law regarding issue of Summon?): सीआरपीसी की…

फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस | First Aid Fire Fighting Extinguisher and Extinguishing Agents

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने आग बुझाने का तरीका के बारे में जनकारी प्राप्त की और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस (First Aid Fire Fighting Extinguisher)और आग बुझाने वाले तत्व के बारे में जनकारी प्राप्त करेंगे ! इसे भी पढ़े : आग कैसे बुझाने का तरीका | Fire Extinguisher | सभी तरह के फायर अगर सुरुवात में ही बुझाने की कोशिस किया जाय तो ओ बहुत ही आसानी से बुझ सकता है ! इसी को प्राप्त करने के लिए फर्स्ट ऐड एप्लायंस को लगाया जाता है की उस बिल्डिंग, इस्टैब्लिशमेंटऔर शिप यदि में तैनात लोगो…

LMG के कुल TsOET इस प्रकार है

पिछले पोस्ट में हमने एसएलआर के TsOET के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम LMG के TsOET के बारे में जानेगे ! जैसे की हम जन चुके है की एसएलआर में कुल आठ TsOET होते है उसी प्रकार से LMG के भी कुल 8 TsOET होते है जिसको क्रमशः निचे दी गई है !  परिचय :एक शिक्षार्थी के लिए एसएलआर की ड्यूटी की जितना महत्व होता है उतना ही महत्व एलएमजी के ड्यूटीज का भी होता है क्योंकि एक जवान अपना ड्यूटी राइफल के साथ भी करता है और जरूरत पड़ने पर एलएमजी के साथ…

सावधान और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने ड्रिल तथा ड्रिल इंस्ट्रक्टर के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम ड्रिल की पहली सिखलाई सावधान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे ! ड्रिल की सिखाली देने का पहला सबक की सुरुवात सावधान की ड्रिल से ही होती है !  जरूरत :जब ड्रिल का कोई भी हरकत करनी हो तो हमेशा सावधान पोजीशन से ही शुरू होती है! इसके अलावा अपने से सीनियर के साथ बात करनी हो तो सावधान पोजीशन से ही बात की जाती है। इसी काम का दुरुस्त नमूना देखें दुरुस्त नमूना : वर्ड ऑफ़ कमांड सावधान एक…

लाठी ड्रिल : लाठी से बचाव करने का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने लाठी ड्रिल में लाठी के साथ  सलूट करने के बारे में जानकारी प्राप्त की और इस पोस्ट में हम जानेगे की लाठी ड्रिल की एक और सबक लाठी  से बचाव कैसे करे  के बारे में जानेगे ! पुलिस के जवान को जैसे खाली  हाथ या हथियार के साथ सेट ड्रिल है करते है  कैसे सावधान, विश्राम ,आराम और सलूट करना है उसी तरह से लाठी के साथ भी ड्रिल पैटर्न सेट है और उन्हें उसका सही तरह से पालन करना चाहिए क्यों की ड्रिल से किसी भी पुलिस महकमा का डिसिप्लिन और मोरल का पता चलता है!…

योग करने के समय ध्यान में रखने वाली बाते

पीछले पोस्ट में हमने योग के शाब्दिक अर्थ क्या होता है इसके बरे में जानकारी प्राप्त किये थे और इस पोस्ट में हम जानेगे की योग करने का सही तैयारी और तरीका क्या है ? जैसे की हम जानते है की योग के अलग अलग सम्प्रदायों , परम्परा , दर्शनों, धर्मो एवं गुरु शिष्य परम्परा के चलते भिन्न  भिन्न पारंपरिक पठाशालाओ का मार्ग होते हुए आज इतने उचाई पर पंहुचा है  ! इनमे ज्ञानयोग , भक्तियोग, कर्मयोग , पतंजल योग , कुंडलिनीयोग , हठयोग , ध्यानयोग , मन्त्र योग , राजयोग , जैन योग , बौध योग आदि नाम के…

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